Solar Rooftop Subsidy Yojana:देश में लगातार बढ़ते बिजली बिल और ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना आम लोगों के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत लोग अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर न केवल बिजली बिल कम कर सकते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकते हैं। साल 2026 में इस योजना के प्रति लोगों की रुचि तेजी से बढ़ी है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना क्या है
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना एक केंद्रीय योजना है, जिसका उद्देश्य देशभर में आवासीय घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत सरकार सोलर पैनल लगवाने पर सीधी सब्सिडी देती है, जिससे आम परिवारों पर शुरुआती खर्च का बोझ कम हो जाता है। सोलर सिस्टम से बनने वाली बिजली घर में इस्तेमाल की जाती है और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है।
बढ़ते बिजली बिल से स्थायी राहत
पिछले कुछ वर्षों में बिजली की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। खासतौर पर गर्मियों में बिजली बिल आम परिवारों के बजट को बिगाड़ देता है। इस योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने के बाद कई घरों का मासिक बिजली बिल बहुत कम हो जाता है। कुछ मामलों में 300 यूनिट तक बिजली का खर्च लगभग शून्य भी हो सकता है।
कितनी मिलती है सब्सिडी
सरकार सोलर सिस्टम की क्षमता के आधार पर सब्सिडी देती है। औसतन एक सामान्य परिवार को करीब 78,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। कई मामलों में यह सब्सिडी कुल लागत का बड़ा हिस्सा कवर कर लेती है। सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहती है।
शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए योजना
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में लागू किया गया है। गांवों में जहां बिजली आपूर्ति कई बार बाधित रहती है, वहां सोलर सिस्टम बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। इससे घरेलू काम आसान होते हैं और छोटे व्यवसायों को भी स्थिर बिजली मिलती है।
डिस्कॉम कंपनियों की अहम भूमिका
इस योजना में बिजली वितरण कंपनियों यानी डिस्कॉम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डिस्कॉम तकनीकी जांच, वेरिफिकेशन और ग्रिड कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी करती हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सोलर सिस्टम सही तरीके से इंस्टॉल हो और उपभोक्ता को भविष्य में कोई परेशानी न आए।
सोलर सिस्टम की क्षमता कैसे तय होती है
सोलर पैनल की क्षमता घर की बिजली खपत पर निर्भर करती है। जिन घरों में ज्यादा बिजली की जरूरत होती है, वहां अधिक क्षमता वाला सिस्टम लगाया जाता है। आवेदन के समय उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुन सकता है, जिसे तकनीकी जांच के बाद अंतिम रूप दिया जाता है।
पात्रता और जरूरी दस्तावेज
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। उसके नाम पर घरेलू बिजली कनेक्शन होना चाहिए और घर की छत पक्की होनी चाहिए। जरूरी दस्तावेजों में आधार कार्ड, बिजली बिल, बैंक खाते की जानकारी, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं।
पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करके आवेदन किया जाता है। वेरिफिकेशन और इंस्टॉलेशन के बाद सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है।
पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत
सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन में कोई प्रदूषण नहीं होता। इससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है और पर्यावरण को लाभ मिलता है। यह योजना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे देश की ऊर्जा जरूरतों में स्वच्छ विकल्प को बढ़ावा मिलता है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना 2026 आम लोगों के लिए एक लाभकारी और दूरदर्शी योजना है। यह न केवल बिजली बिल कम करती है, बल्कि लंबे समय तक आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ भी देती है। आने वाले वर्षों में यह योजना देश की ऊर्जा व्यवस्था को एक नई दिशा दे सकती है।



