CIBIL Score New Rules:भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश की क्रेडिट और लोन प्रणाली में बड़े सुधार किए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों के CIBIL स्कोर, लोन पात्रता और बैंकिंग पारदर्शिता पर पड़ेगा। अब केवल EMI या क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाना पर्याप्त नहीं रहेगा। नए नियमों के अनुसार, आपकी पूरी क्रेडिट प्रोफाइल सही और नियमित अपडेट होनी चाहिए।
CIBIL स्कोर नियमों में बदलाव क्यों जरूरी था?
पहले बैंक और वित्तीय संस्थान ग्राहक के क्रेडिट डेटा को महीनों बाद साझा करते थे। इसका मतलब यह था कि आपने EMI चुका दी, लोन बंद कर दिया या कोई बकाया साफ कर दिया, लेकिन उसका असर CIBIL स्कोर पर 30–45 दिन बाद ही दिखाई देता था।
इस देरी के कारण कई बार लोगों के लोन आवेदन रिजेक्ट हो जाते थे। RBI ने इसे उपभोक्ताओं के साथ अन्याय माना और नए नियम लागू किए ताकि डेटा अपडेट तेज और नियमित हो।
डेटा अपडेट अब होगा तेज और नियमित
RBI के नए निर्देशों के अनुसार, बैंक और क्रेडिट सूचना कंपनियों को हर 15 दिन में ग्राहक की क्रेडिट जानकारी अपडेट करनी होगी। इसका फायदा यह होगा कि अगर आपने कोई डिफॉल्ट क्लियर किया है या EMI भरी है, तो उसका असर कुछ ही दिनों में आपके स्कोर पर दिखेगा।
आगे चलकर अप्रैल 2026 से इसे और तेज करने की योजना है, जिससे साप्ताहिक अपडेट भी संभव हो सकेगा।
RBI के नए CIBIL स्कोर नियम
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फास्ट ट्रैक स्कोर अपडेट
बैंक अब महीने के अंत का इंतजार नहीं करेंगे। हर महीने की 15 तारीख और अंतिम तारीख को डेटा अपडेट करना अनिवार्य होगा। -
गलती सुधार में जुर्माना
अगर किसी ग्राहक का स्कोर गलत अपडेट होता है और बैंक या क्रेडिट कंपनी इसे 30 दिनों में नहीं सुधारती, तो उन्हें ₹100 प्रति दिन का मुआवजा देना होगा। -
लोन रिजेक्शन का स्पष्ट कारण
बैंक अब “इंटरनल पॉलिसी” का बहाना नहीं बना सकेंगे। लोन रिजेक्शन का कारण जैसे क्रेडिट यूटिलाइजेशन ज्यादा होना, पुराना डिफॉल्ट या कम स्कोर स्पष्ट रूप से बताना होगा। -
डिफॉल्टर घोषित करने से पहले सूचना
किसी ग्राहक को बिना चेतावनी के डिफॉल्टर घोषित नहीं किया जा सकता। बैंक को पहले ग्राहक को नोटिस देना होगा। -
रियल टाइम क्रेडिट अलर्ट
जब भी कोई बैंक या संस्था आपका CIBIL स्कोर चेक करेगी, आपको तुरंत SMS या ईमेल के जरिए जानकारी मिलेगी।
नए नियमों का लोन लेने वालों पर असर
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अब केवल EMI चुकाना ही पर्याप्त नहीं होगा।
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क्रेडिट कार्ड और ओवरड्राफ्ट का इस्तेमाल भी स्कोर प्रभावित करेगा।
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अगर आप क्रेडिट लिमिट का 30% से ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो स्कोर जल्दी गिर सकता है।
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किसी बैंक की गलती से स्कोर खराब हुआ, तो इसे जल्दी सुधारने का कानूनी अधिकार आपको मिलेगा।
CIBIL स्कोर सुधारने के व्यावहारिक उपाय
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सभी EMI और क्रेडिट कार्ड बिल समय से पहले चुकाएं।
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क्रेडिट कार्ड लिमिट का 30% से अधिक इस्तेमाल न करें।
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बार-बार नए लोन या कार्ड के लिए आवेदन न करें।
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साल में कम से कम एक बार अपनी फ्री क्रेडिट रिपोर्ट जरूर जांचें।
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नए कर्जदारों के लिए छोटे लोन या सुरक्षित क्रेडिट कार्ड से शुरुआत करें।
RBI के नए नियम भारतीय बैंकिंग सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी, तेज और उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। अब CIBIL स्कोर केवल एक नंबर नहीं रह गया, बल्कि आपकी वित्तीय आदतों का रियल टाइम प्रतिबिंब बन गया है। सही समय पर भुगतान, सीमित क्रेडिट उपयोग और नियमित निगरानी अपनाकर आप भविष्य में लोन लेना आसान और सस्ता बना सकते हैं।









