नोट के किनारे बनी ये 5 लाइनें क्यों होती हैं? 99% लोग नहीं जानते इसका असली कारण Indian Currency Note Lines

By Shruti Singh

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Indian Currency Note Lines:हम सभी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में भारतीय करेंसी नोटों का इस्तेमाल करते हैं। दूध, सब्ज़ी, बस का किराया या छोटी-बड़ी खरीदारी—हर जगह नोट हमारे हाथों से गुजरते हैं। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि भारतीय नोटों के किनारों पर कुछ उभरी हुई तिरछी लाइनें बनी होती हैं? हैरानी की बात यह है कि 99% लोग इन लाइनों को देखते तो हैं, लेकिन उनका असली मतलब नहीं जानते।

क्या आपने कभी नोटों के किनारों को ध्यान से देखा है?

अगर आप अपने पर्स से 100, 200 या 500 रुपये का नोट निकालकर उसके किनारों को उंगलियों से छूकर महसूस करें, तो आपको वहां कुछ उभरी हुई तिरछी लाइनें दिखाई देंगी। अलग-अलग नोटों पर इन लाइनों का पैटर्न भी अलग होता है। अधिकतर लोग इसे सिर्फ डिजाइन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल में यह डिजाइन नहीं बल्कि एक बहुत जरूरी व्यवस्था है।

हर नोट पर अलग-अलग लाइनें क्यों होती हैं?

भारतीय करेंसी के हर मूल्य वर्ग के नोट पर किनारों की बनावट अलग रखी गई है, ताकि उन्हें आसानी से पहचाना जा सके।

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इन उभरे हुए चिन्हों की संख्या और डिजाइन जानबूझकर अलग रखी गई है।

दृष्टिबाधित लोगों के लिए है यह खास सुविधा

इन तिरछी और उभरी हुई लाइनों का सबसे बड़ा उद्देश्य दृष्टिबाधित (नेत्रहीन) लोगों की मदद करना है। जिन लोगों को दिखाई नहीं देता, वे इन लाइनों को उंगलियों से महसूस करके यह आसानी से पहचान सकते हैं कि उनके हाथ में कौन-सा नोट है।

इस सुविधा से दृष्टिबाधित लोगों को किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे खुद ही सही नोट पहचान सकते हैं, जिससे उन्हें लेनदेन में आत्मविश्वास और स्वतंत्रता मिलती है।

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ठगी और धोखाधड़ी से बचाव में मदद

पहले अक्सर ऐसा होता था कि दृष्टिबाधित लोगों को गलत मूल्य का नोट देकर ठग लिया जाता था। लेकिन अब हर नोट पर अलग-अलग स्पर्श संकेत होने के कारण ऐसा करना मुश्किल हो गया है।
ये उभरे हुए चिन्ह धोखाधड़ी रोकने में काफी मददगार साबित हुए हैं और लेनदेन में पारदर्शिता लाते हैं।

भारतीय मुद्रा में सामाजिक समावेशन की सोच

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने नए नोटों के डिजाइन में समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखा है। नोटों पर बनी ये लाइनें दिखाती हैं कि देश की मुद्रा केवल आम लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि विशेष जरूरतों वाले नागरिकों के लिए भी बनाई जाती है।

यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि देश का हर नागरिक—चाहे उसकी शारीरिक स्थिति कुछ भी हो—मुद्रा का समान रूप से उपयोग कर सके।

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सिर्फ लाइनें ही नहीं, और भी पहचान के संकेत

नोट पहचानने के लिए केवल तिरछी लाइनें ही नहीं होतीं। इसके अलावा भी कई खास फीचर्स हैं:

ये सभी फीचर्स मिलकर भारतीय मुद्रा को ज्यादा सुरक्षित और उपयोगी बनाते हैं।

आम लोगों के लिए भी जरूरी है यह जानकारी

भले ही आप दृष्टिबाधित न हों, लेकिन इन लाइनों के बारे में जानना आपके लिए भी जरूरी है। इससे आप जरूरत पड़ने पर किसी की मदद कर सकते हैं और दूसरों को सही जानकारी दे सकते हैं। यह हमें यह भी सिखाता है कि रोज़मर्रा की चीजों के पीछे कितनी गहरी सोच और योजना छिपी होती है।

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 छोटी लाइनें, बड़ा संदेश

भारतीय नोटों के किनारे बनी तिरछी लाइनें कोई साधारण डिजाइन नहीं हैं। ये आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और समानता का प्रतीक हैं। अगली बार जब आप कोई नोट हाथ में लें, तो उसके किनारों को ज़रूर महसूस करें—हो सकता है, आपको भी एहसास हो कि रोज दिखने वाली चीजों में कितनी बड़ी कहानी छुपी होती है।

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