LPG New Rates Today:एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल आज हर घर की जरूरत बन चुका है। ऐसे में इसके दामों में होने वाला हर छोटा-बड़ा बदलाव सीधे आम लोगों की जेब पर असर डालता है। 2 फरवरी 2026 को तेल विपणन कंपनियों ने 14.2 किलो घरेलू एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी कर दिए हैं। महीने की शुरुआत में किए गए इस बदलाव से कुछ शहरों में गैस महंगी हुई है, जबकि कुछ जगहों पर उपभोक्ताओं को राहत भी मिली है।
तेल कंपनियां हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार, कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर-रुपया विनिमय दर और घरेलू मांग–आपूर्ति को देखते हुए एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत यह नया संशोधन लागू किया गया है।
आज 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर का नया रेट
आज जारी किए गए नए रेट के अनुसार 14.2 किलो घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत शहर-दर-शहर अलग-अलग रखी गई है। बड़े महानगरों में आमतौर पर सिलेंडर की कीमत थोड़ी ज्यादा होती है, जबकि छोटे शहरों और कस्बों में दाम कुछ कम देखने को मिलते हैं। इसका मुख्य कारण परिवहन खर्च और स्थानीय टैक्स में अंतर होता है।
इस बार के अपडेट में:
- कुछ शहरों में सिलेंडर के दाम में हल्की बढ़ोतरी की गई है
- वहीं, कई स्थानों पर कीमतों को स्थिर रखा गया है
सरकार की ओर से दी जाने वाली एलपीजी सब्सिडी अब भी सीधे उपभोक्ताओं के बैंक खाते में ट्रांसफर की जा रही है, जिससे वास्तविक खर्च थोड़ा कम हो जाता है।
एलपीजी कीमतों में बदलाव के पीछे क्या कारण हैं?
एलपीजी सिलेंडर के दाम कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारणों पर निर्भर करते हैं। इनमें सबसे अहम कारण हैं:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें
- डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
- आयात लागत, क्योंकि भारत एलपीजी का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है
- परिवहन खर्च, रिफाइनरी लागत और टैक्स
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस महंगी होती है या रुपया कमजोर पड़ता है, तो एलपीजी के दाम बढ़ने की संभावना रहती है। सरकार समय-समय पर सब्सिडी देकर उपभोक्ताओं पर बोझ कम करने की कोशिश करती है, लेकिन लंबे समय तक वैश्विक दबाव रहने पर कीमतों में बदलाव जरूरी हो जाता है।
घरेलू बजट पर एलपीजी दामों का असर
एलपीजी सिलेंडर के दामों में बदलाव का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ता है। मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए रसोई गैस एक अनिवार्य खर्च है।
अगर सिलेंडर की कीमत में:
- 20–30 रुपये की बढ़ोतरी होती है, तो साल भर में यह रकम काफी बड़ी बन जाती है
- इससे राशन, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य जैसे खर्च प्रभावित हो सकते हैं
ग्रामीण इलाकों में, जहां आमदनी के साधन सीमित होते हैं, वहां गैस के दामों में बदलाव का असर और भी ज्यादा महसूस किया जाता है। वहीं, जब कीमतों में कटौती होती है, तो परिवारों को थोड़ी राहत मिलती है और वे बचत कर पाते हैं।
आगे एलपीजी कीमतों को लेकर क्या उम्मीद की जाए?
आने वाले महीनों में एलपीजी सिलेंडर के दाम किस दिशा में जाएंगे, यह कई बातों पर निर्भर करेगा। अगर:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं
- रुपये की स्थिति मजबूत बनी रहती है
तो दामों में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम हो सकती है। लेकिन अगर वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में बाधा आती है या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो एलपीजी की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
14.2 किलो घरेलू एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी होने के बाद आम उपभोक्ताओं के लिए यह जानना जरूरी हो गया है कि उनके शहर में गैस किस कीमत पर मिल रही है। एलपीजी दामों में बदलाव भले ही मामूली लगे, लेकिन इसका असर लंबे समय में घरेलू बजट पर साफ दिखाई देता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को कीमतों पर नजर बनाए रखनी चाहिए और सब्सिडी से जुड़ी जानकारी भी समय-समय पर चेक करते रहना चाहिए।









